समूचे भारत में रविवार को हिंदी दिवस मनाया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाषाई विविधता वाले इस देश को एकता के सूत्र में बांधने में हिंदी की भूमिका के बारे में बात की. साथ ही सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.पीएम मोदी ने कहा कि विश्व पटल पर हिंदी के प्रति बढ़ता सम्मान सभी भारतीयों के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है. वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं होनी चाहिए बल्कि इसे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, न्यायपालिका एवं पुलिस की भी भाषा बननी चाहिए.
भारतीय दूतावासों ने इस अवसर पर कराईं निबंध प्रतियोगिताएं
विदेशों में भारतीय दूतावासों ने इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिताओं, कविता पाठ और संगोष्ठियों का आयोजन किया. भारत में कई विदेशी राजनयिकों ने खुद के लिए हिंदी भाषा के ‘टंग ट्विस्टर्स’ सीखने की चुनौती पेश की, जबकि फ्रांसीसी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उसके दूतों ने बताया कि वे यह भाषा क्यों सीख रहे हैं.
हिंदी की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति का एक प्रमाण यह है कि रूस में विद्यार्थियों में हिंदी सीखने की बढ़ती रुचि देखी जा रही है. रूस के विज्ञान एवं उच्च शिक्षा उपमंत्री कॉन्स्टेंटिन मोगिलेव्स्की ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी हिंदी सीखें.”
मोगिलेव्स्की ने रूसी समाचार एजेंसी टीएएसएस से कहा, “भारत आज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और अधिक से अधिक भारतीय अपने दैनिक जीवन में अंग्रेजी के बजाय हिंदी का प्रयोग करने लगे है. हमें हिंदी और अन्य पूर्वी भाषाएं सीखने की जरूरत है.