एक समय था, जब अनिल अंबानी की गिनती दुनिया के सबसे अमीर लोगों में होती थी. लेकिन फिर वक्त का पासा पलटा और अनिल अंबानी का साम्राज्य ताश के पत्ते की तरह ढह गया. भारत ही नहीं, कई देशों में धोखाधड़ी के मामले, कथित फंड डायवर्जन, फर्जी गारंटियों और बड़े पैमाने पर डिफॉल्ट की खुलती परतों ने उन्हें अर्श से फर्श पर ला पटका.
इसके बाद शुरू हुआ प्रतिबंधों, दिवालिया कार्यवाही और अदालतों में मुकदमेबाजी का दौर, जिसने उनकी दौलत और शोहरत, दोनों का बंटाधार कर दिया. उनकी कंपनियों में एक के बाद एक वित्तीय गड़बड़ियों के कई मामले सामने आए. आइए इन पर एक नजर डालते हैं-
अनिल अंबानी खुद किन मामलों में फंसे?
पिछले साल अगस्त 2024 में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने रिलायंस कैपिटल की कंपनी रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) से फंड डायवर्ट करने पर अनिल अंबानी और 24 अन्य संस्थाओं को प्रतिभूति बाजार से पांच साल के लिए बैन कर दिया था. अंबानी पर 25 करोड़ का जुर्माना भी लगाया. उनके सिक्योरिटीज मार्केट में ट्रेडिंग करने और लिस्टेड कंपनियों में निदेशक जैसे अहम पद लेने पर रोक लग गई. सेबी का यह बैन अगस्त 2029 तक के लिए है.